युवा शक्ति, युवा सोच को प्रणाम !!!
आजकल गांव सक्ताखेड़ा में गांव के युवाओं द्वारा स्थापित शहीद भगत सिंह लाइब्रेरी में जाने का मौका मिला। चिंतक संजीव शाद जी के साथ का सौभाग्य भी इस अवसर प्राप्त हुआ। लाइब्रेरी देखकर और उसे संचालित कर रहे युवा लोगों और गांव के बाशिंदों से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हर गांव में लाइब्रेरी का होना गुरुद्वारा और मंदिर से भी ज्यादा जरूरी है । लाइब्रेरी होगी तो विचार होगें, विचार होंगे तो संस्कार होंगे और जिस गांव में विचार और संस्कार दोनों हों उस गांव का युवा गांव की ही नहीं हिंदुस्तान के नव निर्माण की शक्ति रखता है। सलाम है शहीद भगत सिंह लाइब्रेरी सत्ताखेड़ा के संचालकों को ।


No comments:
Post a Comment